फर्जी कॉलेज असली डिग्री, फीस के नाम वसूले जा रहे दुगने दाम
मनेन्द्रगढ – एम.सी.बी. : आधुनिक युग में शिक्षा का बड़ा ही महत्व है शिक्षा को जोर देने में सरकारों का भी बड़ा योगदान है। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का अपना अलग ही महत्व है जहां एक ओर हर अभिभावक की चाह होती है कि हमारे बच्चे उच्च शिक्षा को प्राप्त करें और अपने जेब की परवाह किये बगैर कर्ज लेकर शिक्षा दिलाने का प्रयास करते है। तथा शिक्षा के लिये बच्चों को अपने से दूर भेजकर पढाने का प्रयास करते हैं बस इसी बात का फायदा उठाते हुये कुछ दलाल व लुटेरे प्रवित्ती के लोग इसका फायदा उठाने में कोई कोताही नही बरतते है।
ठीक इसी तर्ज में मनेन्द्रगढ में कई फर्जी नामों, दस्तावेजो, के आधार पर कुछ समितियां नामी व बडे कालेजों के नाम का सहारा लेकर फिसिंग का कारोबार कर रही हैं। और भर्ती प्रकिृया के नाम पर मोटी रकम एैंठने में लगी हुई है। दूसरे शब्दों में कहा जाये तो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ व उनके समय को बर्बाद करने में बिल्कुल भी कुरेज नही करते।
दया व मरी हुई मानवता के लोग इसे अपनी भाषा में बिजनेस कहते है और नियमों से अनजान लोग ही शिकार होकर अपना धन तथा समय बर्बाद कर देते हैं। नये-नये अधिकारियों को शिकायतों का इंतजार रहता है समय की कमी और जानकारी का अभाव फिसिंग करोबारियों के बचाव का कारण बन जा जयता है। एमसीबी जिला के विकासखंड भरतपुर में भी कई अकैडमी इसी तरह संचालन किया जा रहा है जिन्हें भी देखने वाला या तो सुनने वाला कोई नहीं है जनकपुर क्षेत्र में कई एकेडमी ऐसी है कि बच्चों को नौकरी के लालच देकर उनको डिग्रियां दी जाती है जो कि वह डिग्रियां कोई भी काम में नहीं आतीअब देखना यह है कि प्रशासनिक अमला इन पर क्या कार्रवाही करता है या समय के अभाव का हवाला देकर महज खानापूर्ति करता है।
1. गैर पंजीकृत दस्तावेजों के आधार तकनीकी कोर्स कराये जाने का खेल पिछले कई वर्षो से जारी, मनमाना वसूल रहे है फीस।
2. संबद्वता व अनुबंध तक का पता नही, कम्प्युटर कॉलेज के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड एवं पैसों की ठगी और जारी हो रहे हैं विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
3. बहुचर्चित विश्वविद्यालय के नाम का सहारा लेकर व गुमराह करके की जाती है भर्ती
4. जुगाड से संचालित किया जा रहे है मनेन्द्रगढ के हृदय स्थल में तथा प्रशासनिक नाक के नीचे कम्प्युटर कॉलेज।
5. समितियों के पंजीयन का नाम व स्थान बदल कर चलाये जा रहे है कम्प्युटर कॉलेज।
6. कोई भी संवैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नही और पैसे से बेचें जा रहे है विश्वविद्यालय तक को पता नही कि कौन बेच रहा उनके नाम का प्रमाण पत्र।
7. विद्वार्थियों से पूछ कर उनके मन माफिक प्रमाण पत्र देने में महारत हासिल रखते हैं मनेन्द्रगढ के राजीव गांधी कॉलेज, अलास्का कम्प्युटर कॉलेज ।
8. राजीव गांधी जैसे दिवंगत नेता का नाम को खराब कर रहे हैं जो अपनी स्वच्छ छवि के नाम से विश्व विख्यात थे, जैसे राज नेताओं के नाम का सहारा लेकर विश्वविद्यालय द्वारा जारी कम्प्युटर शिक्षा के प्रमाण पत्र।
