कोटेतरा में शासकीय संपत्ति से बार-बार खिलवाड़: जलापूर्ति व्यवस्था को ठप करने की बड़ी साजिश, पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल
कोटेतरा में शासकीय संपत्ति से बार-बार खिलवाड़: जलापूर्ति व्यवस्था को ठप करने की बड़ी साजिश, पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवा

जैजैपुर // जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोटेतरा में शासकीय संपत्तियों को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाने और आम जनता के बुनियादी अधिकारों का हनन करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कोटेतरा में पिछले कुछ समय से लगातार सार्वजनिक पानी सप्लाई की मुख्य बिजली केबल काटने, वाटर पंप हाउस का ताला तोड़कर शासकीय मशीनों को क्षतिग्रस्त करने और विभिन्न ट्यूबवेलों से होने वाली जलापूर्ति को बाधित करने की वारदातें आम बात हो चुकी हैं। विडंबना यह है कि इन गंभीर और बार-बार होने वाली आपराधिक घटनाओं को स्थानीय जैजैपुर पुलिस प्रशासन बेहद हल्के में ले रहा है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
सामान्य चोरी नहीं, चुनी हुई व्यवस्था को नाकाम करने की साजिश
इस पूरे घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी को देखें तो यह महज सामान्य चोरी या तकनीकी खराबी का मामला नजर नहीं आता। नवनिर्वाचित महिला सरपंच सुनीता साहू के दायित्व संभालने के बाद से ही कोटेतरा में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं में इस तरह की अड़चनें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगातार खड़ी की जा रही हैं। जिस तरह से केवल जल आपूर्ति के स्रोतों, ट्यूबवेलों और पंप हाउस को ही चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, वह साफ इशारा करता है कि वर्तमान पंचायत व्यवस्था को बदनाम और नाकाम साबित करने के लिए पर्दे के पीछे से कोई गहरी स्थानीय साजिश काम कर रही है।
निष्पक्ष आवाज और महिला जनप्रतिनिधि को दबाने का प्रयास?
इस मामले का एक और अत्यंत संवेदनशील पहलू यह भी है कि सरपंच के पति पिछले 22 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और पूरी निष्पक्षता से समाज की आवाज उठाते आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों के बीच यह आशंका लगातार प्रबल हो रही है कि दो दशकों से अधिक की इस बेदाग पत्रकारिता और एक लोकतांत्रिक महिला जनप्रतिनिधि पर दबाव बनाने के लिए ही कोटेतरा की इन शासकीय संपत्तियों को हथियार बनाया जा रहा होगा यह आशंका है। किसी व्यक्तिगत खुन्नस या राजनीतिक खींचतान को साधने के लिए सरकारी संपत्ति को नष्ट करना कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है।
जनता परेशान, शासकीय राजस्व की भारी बर्बादी
इस सुनियोजित खेल के कारण कोटेतरा की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के लिए पूरे गांव का पानी रोक देना एक अक्षम्य अपराध है। दैनिक आवश्यकताओं के लिए कोटेतरा के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया जा रहा है। इसके साथ ही, जो शासकीय बजट गांव की नई विकास योजनाओं में लगना चाहिए, वही पैसा बार-बार कटी हुई केबल और टूटे हुए पंप की मरम्मत कराने में व्यर्थ हो रहा है, जिससे शासकीय राजस्व को भारी क्षति पहुंच रही है।
उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग
इतनी बड़ी और बार-बार होने वाली वारदातों के बावजूद स्थानीय जैजैपुर पुलिस द्वारा केवल ‘अज्ञात’ के खिलाफ कागजी खानापूर्ति करना और मामलों को ठंडे बस्ते में डालना शासकीय तंत्र की विफलता को दर्शाता है। अब समय आ गया है कि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) इस मामले में स्वयं संज्ञान लें। ग्रामीणों ने मांग की है कि जैजैपुर पुलिस तत्काल कोटेतरा के इन मामलों की उच्च स्तरीय जांच करे और उन असामाजिक तत्वों व उनके पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजे, ताकि गांव की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से व्यवस्थित हो सकें और एक महिला जनप्रतिनिधि बिना किसी मानसिक दबाव के जनसेवा कर सके।
