रायपुर में करणी सेना के कार्यक्रम में राजगीत का अपमान, अरपा-पइरी के धार बजने पर भी बैठे रहे लोग

रायपुर में करणी सेना के कार्यक्रम में राजगीत का अपमान, अरपा-पइरी के धार बजने पर भी बैठे रहे लोग

रायपुर :  हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर के सपोर्ट में राजपूत करणी सेना ने 8 मांगों को लेकर रविवार को महापंचायत की। इस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी राजगीत का अपमान होने का मामला सामने आया है। भाठागांव इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत की मौजूदगी में राजगीत बजाया गया, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी लोग बैठे ही रहे।

बता दें कि राजगीत बजने पर अपने स्थान खड़े होने का नियम है, लेकिन करणी सेना के कार्यक्रम में राजगीत तो बजाया गया, लेकिन राजगीत के सम्मान में कोई शख्स खड़ा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि करणी सेना द्वारा यह सम्मेलन बिना प्रशासनिक अनुमति के आयोजित किया जा रहा है। साइंस कॉलेज मैदान में इस तरह के आयोजन की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी है, इसके यह कार्यक्रम भाटागांव में बिना अनुमति के हुआ। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है

दरअसल, हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को 8 नवंबर 2025 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था। वह लगभग 151 से 162 दिनों तक फरार था। 10 नवंबर को रायपुर पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर को कोर्ट में पेश किया। रायपुर पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर लंगड़ाते हुए चल रहा था। बनियान फटी हुई थी। कुछ देर बाद वह चलते-चलते रोड पर बेहोश हो गया था। जुलूस निकालने का वीडियो वायरल होने के बाद क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर विरोध किया था। शेखावत ने तोमर की कार्रवाई में शामिल पुलिसवालों और रायपुर SSP के घर में घुसने की धमकी दी थी।


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