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ट्रंप की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में हिंद-प्रशांत क्षेत्र नया युद्ध क्षेत्र, भारत को बताया स्पष्ट साझेदार - Somanshu News

ट्रंप की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में हिंद-प्रशांत क्षेत्र नया युद्ध क्षेत्र, भारत को बताया स्पष्ट साझेदार

ट्रंप की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में हिंद-प्रशांत क्षेत्र नया युद्ध क्षेत्र, भारत को बताया स्पष्ट साझेदार

नई दिल्ली: अमेरिका की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) ने पहली बार स्पष्ट रूप से भारत को हिंद-प्रशांत सुरक्षा ढांचे के केंद्रीय साझेदार के रूप में पेश किया है। चीन के सैन्य विस्तारवाद और आर्थिक प्रभुत्व को रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी इस स़ख्त रणनीति में भारत की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा गया है कि भारत क्षेत्रीय संतुलन और सामरिक स्थिरता का प्रमुख आधार है।

रणनीति दस्तावेज में स्पष्ट कहा गया है कि अमेरिका को भारत के साथ व्यापारिक, तकनीकी और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना होगा ताकि भारत इंडो-पैसिफिक सुरक्षा में अधिक योगदान दे सके। इसमें क्वाड को क्षेत्रीय सुरक्षा का प्रमुख मंच बताया गया है और भारत को इसकी सामूहिक प्रतिरोध क्षमता का आवश्यक घटक माना गया है।

एनएसएस में इंडो-पैसिफिक को अगली सदी के प्रमुख भू-राजनीतिक रणक्षेत्रों में से एक बताया गया और चेतावनी दी गई है कि चीन की आक्रामक गतिविधियां, विशेषकर दक्षिण चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और फ‌र्स्ट आइलैंड चेन (जापान, ताइवान, फिलिपींस), क्षेत्रीय शक्तियों की समुद्री स्वतंत्रता और आपूर्ति-श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

इसके समाधान में भारत को स्थायी और विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार के रूप में पेश किया गया है।रणनीति में चीन के अनुचित व्यापार व्यवहार, बौद्धिक संपदा चोरी, राज्य-निर्देशित सब्सिडियों और दुर्लभ खनिज आपूर्ति पर नियंत्रण को वैश्विक जोखिम बताते हुए कहा गया है कि इन चुनौतियों का सामना करने में भारत-अमेरिका सहयोग महत्वपूर्ण होगा, खासतौर पर उच्च-प्रौद्योगिकी और रक्षा निर्माण में।

दक्षिण चीन सागर पर चीन के संभावित नियंत्रण को लेकर जताई गई अमेरिकी ¨चताएं भारत के समुद्री हितों से भी मेल खाती हैं, क्योंकि भारत का अधिकांश व्यापार इन्हीं समुद्री मार्गों से होकर गुजरता है।नई रणनीति ऐसे समय आई है जब भारत समुद्री निगरानी, पनडुब्बी-रोधी क्षमताओं, उच्च-तकनीकी रक्षा प्रणालियों और बहुपक्षीय साझेदारियोंखासतौर पर क्वाड और मालाबार अभ्यास- के माध्यम से क्षेत्र में अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है।

अमेरिका की नई सुरक्षा रणनीति में रूस के विचारों की छाप

क्रेमलिन ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) की प्रशंसा की और कहा कि इसके ज्यादातर ¨बदुओं में रूस के नजरिये की छाप नजर आती है। ये पहली बार है कि रूस ने अपने शीत युद्धकालीन प्रतिद्वंद्वी के दस्तावेज की प्रशंसा की हो।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने एक टीवी इंटरव्यू में नई अमेरिकी रणनीति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि एनएसएस में कई ¨बदु हमारे नजरिये की पुष्टि करते हैं। पेस्कोव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में ट्रंप ने लचीले यथार्थवाद का दृष्टिकोण अपनाया है। एनएसएस में कहा गया है कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत करना अमेरिका का मुख्य हित है, और वा¨शगटन रूस के साथ रणनीतिक स्थिरता को पुन: स्थापित करना चाहता है।


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