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बिलासपुर के नवोदय विद्यालय में छात्र की मौत से भड़का आक्रोश, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े विद्यार्थी - Somanshu News

बिलासपुर के नवोदय विद्यालय में छात्र की मौत से भड़का आक्रोश, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े विद्यार्थी

बिलासपुर के नवोदय विद्यालय में छात्र की मौत से भड़का आक्रोश, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े विद्यार्थी

मल्हार : पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्र की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश भड़क गया है। बुधवार को छात्र-छात्राओं ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्कूल के गेट के सामने विरोध-प्रदर्शन किए। आक्रोशित विद्यार्थी कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी छात्र की मौत को गंभीर माना है। साथ ही एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

छात्रों ने हर्षित यादव की मौत के मामले में इलाज में देरी और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नाराज छात्र और छात्राएं प्रबंधन के खिलाफनारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। स्कूल गेट के बाहर बैठकर धरना-प्रदर्शन कर नारे लगाए।उनका कहना है कि हर्षित की तबीयत बिगड़ने पर न समय पर इलाज मिला और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। समय रहते उसका इलाज होता तो उसकी जान बच जाती। लेकिन, प्रबंधन की लापरवाही और मनमानी के चलते उसकी हालत गंभीर होती चली गई। समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हुई है।

कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे छात्रछात्रों ने बताया कि हास्टल की हालत बहुत खराब है। विद्यार्थी अव्यवस्था के बीच रहने को विवश है। 500 छात्रों के लिए सिर्फ तीन सफाई कर्मचारी हैं, इसके कारण हास्टल और शौचालयों की सफाई नहीं होती है हमेशा गंदगी रहती है।इस दौरान कई छात्रों ने बताया कि आज प्री-बोर्ड परीक्षा होने के बावजूद वे मजबूर होकर सड़क पर उतरे हैं, क्योंकि लगातार अनदेखी के कारण अब उनका सब्र खत्म हो चुका है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं परिजनों ने भी नवोदय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पिता ने लगाया लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांगमृतक हर्षित के पिता बेलगहना निवासी जयप्रकाश यादव ने बताया कि स्कूल ने बच्चे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी समय पर नहीं दी गई। जब हालत बहुत खराब हो गई, तभी उन्हें फोन किया गया। न तो समय पर इलाज मिला और न ही स्कूल ने अस्पताल ले जाने में कोई मदद की। प्रबंधन ने सिर्फ इतना कहा कि गाड़ी प्राचार्य लेकर गए हैं। इलाज में हुई देरी की वजह से उनके बेटे की जान चली गई। पिता ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी। हर्षित बचपन से होशियार था और प्रतियोगी परीक्षा पास कर नवोदय में चयनित हुआ था, बेटी ने एमएससी की है। उन्होंने नवोदय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाने की मांग की।


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