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CGPSC 2024 Interview: कमरे में लाश, हाथ में किताब... , इंटरव्यू में सवाल सुनकर कैंडिडेट का हिल गया दिमाग - Somanshu News

CGPSC 2024 Interview: कमरे में लाश, हाथ में किताब… , इंटरव्यू में सवाल सुनकर कैंडिडेट का हिल गया दिमाग

CGPSC 2024 Interview: कमरे में लाश, हाथ में किताब… , इंटरव्यू में सवाल सुनकर कैंडिडेट का हिल गया दिमाग

रायपुर  : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा आयोजित मुख्य परीक्षा के बाद अब साक्षात्कार का चरण शुरू हो गया है। 10 से 20 नवंबर तक कुल 643 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। सोमवार को पहले दिन 68 उम्मीदवारों को दो पालियों में बुलाया गया। पहली और दूसरी पाली में 34-34 अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

साक्षात्कार में बुद्धि स्तर जानने के लिए कई तरह के सवाल किए गए। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उससे पूछा गया कि होटल के एक कमरे में लाश मिली है, थानेदार देखता है कि लाश बिस्तर पर पड़ी हुई है। मृत व्यक्ति के हाथ में खुली किताब है, जिसमें पेज नंबर 49-50 दिख रहा है। वह एसपी को रिपोर्ट देता है कि हत्या हुई है।

इसके बाद एसपी थानेदार से कहते हैं कि तुम झूठ बोल रहे हो। यह पहेली बताने के बाद बोर्ड के सदस्यों ने सवाल किया कि थानेदार ने क्या झूठ कहा। इस सवाल का जवाब अभ्यर्थी ने हमें नहीं बताया।

हमने  विशेषज्ञ से पूछा कि इस पहेली में थानेदार का झूठ क्या है। इसपर हमें जवाब मिला कि अगर हत्या हुई होती तो संघर्ष के निशान मिलते। मृतक के हाथ में पुस्तक है और उसकी लाश बिस्तर पर पड़ी है। लेकिन संघर्ष के कोई निशान नहीं है। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार थानेदार का हत्या कहना गलत था।

चार पैनलों में हुई साक्षात्कार प्रक्रियासाक्षात्कार के लिए चार पैनल बनाए गए थे, प्रत्येक में चार सदस्य शामिल थे। इनका नेतृत्व रीता शांडिल्य, डा. प्रवीण वर्मा, डा. सरिता उईके और संतकुमार नेताम ने किया। अभ्यर्थियों का मूल्यांकन ज्ञान, व्यवहार, व्यक्तित्व और परिस्थिति-निर्णय क्षमता के आधार पर किया गया। साक्षात्कार प्रक्रिया सुबह से शाम तक चली और सभी अभ्यर्थियों को समान समय दिया गया।

शौक और पृष्ठभूमि पर आधारित सवालबोर्ड ने अभ्यर्थियों से उनके शौक और बैकग्राउंड से जुड़े सवाल पूछे। क्रिकेट को हाबी बताने वालों से हाल में हुए विमेंस वर्ल्ड कप के परिणाम पर चर्चा हुई। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले अभ्यर्थियों से तकनीकी सवाल पूछे गए। इसके अलावा भारत-चीन और कनाडा के बीच हालिया कूटनीतिक घटनाक्रम, और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इनके प्रभाव पर भी प्रश्न पूछे गए।

स्थानीय पहचान और संस्कृति पर प्रश्नअभ्यर्थियों से उनके गृह जिले की विशेषताओं पर सवाल किए गए। अंबिकापुर से आने वालों से बाक्साइट और उसके उपयोग पर, बस्तर से आए अभ्यर्थियों से स्थानीय बोली व व्यंजन की खासियत पूछी गई। रायगढ़ और बिलासपुर के उम्मीदवारों से औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान के बारे में सवाल हुए। कई अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आत्मविश्वास से जवाब दिए।

बाहर स्वजन करते रहे इंतजारसाक्षात्कार केंद्र के बाहर स्वजन का उत्साह देखने लायक था। कई उम्मीदवारों का साक्षात्कार अच्छा गया तो वे बाहर निकलते ही परिवार के साथ फोटो खिंचवाने लगे। कुछ ने कहा कि उन्हें इस बार सफलता की पूरी उम्मीद है। वहीं कुछ ने स्वीकार किया कि यह अनुभव आगे के प्रयासों के लिए प्रेरणा देगा। वातावरण पूरे दिन सकारात्मक और आशावादी रहा।

तीसरी बार आए उम्मीदवार बोले लगातार कोशिश कर रहेकई उम्मीदवार ऐसे थे जो तीसरी बार साक्षात्कार तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार परिणाम सकारात्मक आने की उम्मीद है। एक उम्मीदवार ने कहा अगर इस बार भी नहीं हुआ, तो हार नहीं मानेंगे, अगली बार फिर प्रयास करेंगे। उनका मानना था कि हर बार का अनुभव आत्मविश्वास और समझ बढ़ाता है, जो भविष्य की सफलता की कुंजी है।


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