खबर की असर : सहायक संचालक उद्यान सक्ती ने भुतहा उद्यान अधीक्षक एस एन चौबे को थमाया नोटिस

खबर की असर : सहायक संचालक उद्यान सक्ती ने भुतहा उद्यान अधीक्षक एस एन चौबे को थमाया नोटिस

 

  • बिना अनुमति भुतहा नर्सरी की जमीन पर हरे पेड़ों की कटाई का मामला
  • भुतहा उद्यान अधीक्षक की मनमानी क्षेत्र के जनताओं में आक्रोश

 

जैजैपुर  : सक्ती जिले के विकासखण्ड मालखरौदा अंतर्गत भुतहा नर्सरी का मामला सामने आया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जहां प्रदेश सरकार की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं वहीं जमीनी स्तर पर अधिकारियों को इसकी परवाह तक नहीं है। पेड़ों को खतरा बताकर उन्हें उद्यानों से हटाया जा रहा है। उद्यानों में पेड़ पौधों को पालने वाले भुतहा नर्सरी ने खुद ही नियमों से बाहर निकलकर पेड़ों की कटाई की पहरेदारी भी कर रहा है। इधर वन विभाग की मानें तो संस्था अपने स्तर पर पेड़ कटवा सकती है लेकिन नीलामी से पहले उनके विभाग से रिपोर्ट तैयार करवानी होती है। पेड़ों की मोटाई और लंबाई के हिसाब से कीमत आंकी जाती है।

सहायक संचालक उद्यान सक्ती ने भुतहा उद्यान अधीक्षक एस एन चौबे को थमाया नोटिस

सहायक संचालक उद्यान सक्ती ने अपने पत्र में उद्यान अधीक्षक चौबे को नोटिस थमाते हुए लिखा है कि उद्यान परिसर में एक अथवा एक से अधिक पेड़ो की कटाई की गई है तथा वन विभाग से बिना अनुमति लिए एवं बिना नीलामी किये पेड़ो का विक्रय कर दिया गया है शासकीय संपति राज्य की संपति है बिना लिखित अनुमति उनका नाश या विक्रय नियमो का उल्लंघन है तथा विक्रय द्वारा प्राप्त राशि यदि शासकीय खाते में जमा नही की गई तो यह राजकोष को नुकसान पहुचाना माना जायेगा स्पष्टीकरण प्राप्त नही होता है आपके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी तो आपको बताना चाहूंगा कि जानकारी के अनुसार उक्त हरे भरे फलदार पेड़ को काटकर 36000 हजार रुपये में बिक्री की गई है ।

नहीं थम रहा पेड़ काटने का सिलसिला

मालखरौदा विकास खण्ड अंतर्गत भुतहा नर्सरी में हरे पेड़ काटने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा जबकि वन विभाग मात्र कार्रवाई तक सीमित है। वन विभाग से बिना अनुमति लिए नर्सरी के हरे पेड़ों को काटा जा रहा है,विभाग द्वारा पेड़ो की नीलामी नही कराई गई है।

वन विभाग को जानकारी नहीं सरकारी विभाग अपने परिसर में पेड़ काट सकता है बशर्ते वन विभाग की ओर से इसकी कीमत लगवानी होती है। लेकिन यहां इन पेड़ों के लिए भुतहा नर्सरी के उद्यान अधीक्षक ने वन विभाग से किसी तरह का पत्राचार नहीं किया है। वन अधिकारी ने बताया कि नर्सरी में पेड़ काटने के अधिकार हैं लेकिन पेड़ों की नीलामी से पहले लंबाई-ऊंचाई के हिसाब से कीमत लगवानी होती है। नर्सरी में काटे जाने वाले पेड़ों की उद्यान अधीक्षक द्वारा किसी तरह का पत्राचार नहीं किया गया है।


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