नरक चतुर्दशी पर चौमुखी दीपक से करें ये सरल उपाय, घर के सभी दुख होंगे दूर
दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘छोटी दिवाली’ या ‘रूप चौदस’ भी कहते हैं। यह पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। ऐसा कहते हैं कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ उपायों से व्यक्ति को न केवल नरक जाने के भय से मुक्ति मिलती है, बल्कि घर से सभी तरह के दुख दूर होते हैं।हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 20 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी, तो आइए इस दिन से जुड़े उपाय जानते हैं।
- दीपक – एक मिट्टी का चौमुखी दीपक लें। इसमें सरसों का तेल भरें और चार अलग-अलग दिशाओं की ओर मुख करके चार बत्तियां लगाएं।
- सही समय – यह दीपक शाम या रात के समय जलाया जाता है, जब घर के सभी सदस्य भोजन करके सोने की तैयारी कर रहे हों।
- दीपदान की दिशा – दीपक को घर के बाहर मुख्य द्वार के पास दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखें। दक्षिण दिशा यमराज की मानी जाती है।
- मंत्र – दीपक जलाते समय हाथ जोड़कर यह मंत्र पढ़ें – “मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह या त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥”
- करें ये काम – यह ‘यम दीपक’ घर का सबसे बड़ा सदस्य ही जलाता है। दीपक को रखने के बाद उसे पलटकर नहीं देखना चाहिए और घर के अंदर के सदस्यों को बाहर आकर उसे देखना नहीं चाहिए।
चौमुखी दीपक जलाने के लाभचौमुखी दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं। यह दीपक परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु और गंभीर संकटों से बचाता है। साथ ही घर में मौजूद सभी नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देता है। इसके अलावा पितरों को शांति मिलती है और घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
