WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1781861678', '216.73.217.32')

ये फसल नहीं ATM मशीन है! बेहद कम लागत में करें इस सब्जी खेती, लाखों में कमाएंगे मुनाफा... - Somanshu News

ये फसल नहीं ATM मशीन है! बेहद कम लागत में करें इस सब्जी खेती, लाखों में कमाएंगे मुनाफा…

ये फसल नहीं ATM मशीन है! बेहद कम लागत में करें इस सब्जी खेती, लाखों में कमाएंगे मुनाफा…

अगर आप भी अक्टूबर महीने में अपनी जमीन पर पत्ता गोभी लगाने की सोच रहे हैं तो यह समय आपके लिए सोने पर सुहागा साबित हो सकता है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से की गई पत्ता गोभी की खेती किसानों को लाखों रुपये का मुनाफा दिला सकती है.

सितंबर-अक्टूबर में बोई गई पत्ता गोभी की फसल 70 से 90 दिन में तैयार हो जाती है. सही प्लानिंग और वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर किसान पत्ता गोभी की खेती से मोटा मुनाफा कमा सकते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, एक एकड़ में पत्ता गोभी की खेती करने पर करीब 25 से 35 हजार रुपये की लागत आती है. इस लागत में बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूर और कटाई के खर्च शामिल होते हैं. वहीं पैदावार औसतन 300 क्विंटल तक हो सकती है.

यदि बाजार भाव अनुकूल रहे तो कुल आय 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इस प्रकार किसानों को लगभग 1.2 से 1.7 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ हो सकता है. जिससे किसान कम समय में अधिक उत्पादन और मुनाफा कमा सकते हैं.

अच्छी पैदावार के लिए सबसे पहले पौध तैयार करने की नर्सरी पर ध्यान देना जरूरी है. नर्सरी के लिए ऐसी जगह का चयन करना चाहिए, जहां पर्याप्त धूप आए, वेंटिलेशन अच्छा हो और पानी का जमाव न होता हो. बेहतर परिणाम के लिए नर्सरी जमीन के स्तर से थोड़ी ऊंचाई पर बनाई जानी चाहिए.

मिट्टी को भुरभुरी बनाकर उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाना पौधों की शुरुआती ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. खेती को सुरक्षित रखने के लिए नर्सरी बेड का ट्रीटमेंट बाविस्टिन जैसे फफूंदनाशी से करने की सलाह दी गई है.

यह मिट्टी में मौजूद हानिकारक फफूंद को खत्म करता है और अन्य उर्वरकों व कीटनाशकों के साथ भी सुरक्षित रहता है. बीज बोने से पहले कैप्टान या थीराम जैसे दवाओं से सीड ट्रीटमेंट करने से बीज सुरक्षित रहते हैं और अंकुरण दर भी काफी बेहतर होती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि नर्सरी को रो-वाइज तैयार करने से पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और बैक्टीरिया व वायरस संक्रमण का खतरा घटता है. साथ ही नर्सरी को कीटों से बचाने के लिए नेट या मच्छरदानी का प्रयोग करना लाभकारी साबित हो सकता है.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *