बीएम शाह हॉस्पिटल में 21 दिन से उपचाराधीन घायल की मौत पर परिजनों ने जमकर किया हंगामा 

बीएम शाह हॉस्पिटल में 21 दिन से उपचाराधीन घायल की मौत पर परिजनों ने जमकर किया हंगामा 

 22 AUGUST 2022  भिलाई   : भिलाई के बीएम शाह हॉस्पिटल में 21 दिन से उपचाराधीन घायल की रविवार रात मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है अस्पताल प्रबंधन अधिक बिल बनाने के लालच में मर चुके युवक को भर्ती करके इलाज कर रहा था। हंगामा कर रहे लोग इतने गुस्से में थे कि उन्हें शांत कराने के लिए सुपेला, वैशाली नगर और छावनी सहित तीन-तीन थानों की पुलिस को बुलाना पड़ा।

हंगामा कर रहे अनमोल सिंह ने बताया कि रवि साहू (22) पिता राजेंद्र प्रसाद 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहता था। एक अगस्त की सुबह पावर हाउस भिलाई के पास कोई वाहन उसे टक्कर मारकर चला गया था। उसके सिर में गहरी चोट आई थी। इलाज के लिए बीएम शाह हॉस्पिटल सुपेला में भर्ती कराया गया था। यहां एमडी न्यूरो सर्जन डॉ. अरविंदो राय ने उसका ऑपरेशन किया।

आरोप है कि 21 दिन बीत जाने के बाद परिजनों ने डॉक्टर से मरीजों को दूसरी जगह रेफर करने का दबाव बनाया। इसके बाद डॉक्टरों ने रविवार रात 9 बजे के करीब उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रवि की मौत पहले हो गई थी। हॉस्पिटल का बिल बढ़ाने के लिए डॉक्टर उसे मरने के बाद भी भर्ती किए रहे। अब बॉडी छोड़ने के एवज में 4 लाख रुपए का बिल भरने की बात कह रहे हैं।

हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा रात 8.51 बजे हुई है मौत
जब बीएम शाह की नर्सिंग सुप्रीटेंडेंट गंगा सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रवि की हालत काफी खराब थी। डॉ. अरविंदो राय ने उसके ब्रेन का ऑपरेशन किया था। वह कोमा था। हर दिन उसकी मेडिकल रिपोर्ट परिजनों को बताकर उनकी काउंसिलिंग की जाती थी। परिजनों को दो दिन पहले ही बता दिया था कि मरीज की हालत काफी गंभीर है। चाहें तो उसे दूसरी जगह ले जा सकते हैं। रविवार 21 अगस्त को रात 8.51 रवि की मौत हुई है। परिजन गलत आरोप लगाकर हंगामा कर रहे हैं।

पिता ने कहा-जैसा मेरे साथ हुआ किसी दूसरे के साथ न करें
रवि साहू के पिता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को एम्स में भर्ती कराने की बात कही थी। इस पर बीएम शाह के डॉक्टर ने कहा कि वहां जो इलाज होगा वही यहां होगा। उन्होंने उसे रेफर नहीं किया। उसकी रिपोर्ट रायपुर में दिखाई और उसे भेजने के लिए दबाव बनाया तो रात में बताया गया कि रवि की मौत हो गई है। राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि पैसे के लिए जबरदस्ती उसके बेटे को भर्ती किया गया है। जैसा उसके साथ किया गया है वह हॉस्पिटल प्रबंधन और शासन प्रशासन से मांग करता है कि दूसरे के साथ न हो।

पीएम के लिए भेजी गई बॉडी
रवि की मौत के बाद सैकड़ों की संख्या लोग पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्हें संभालने के लिए कई थाने की पुलिस पहुंची। तीन घंटे के हंगामे के बाद पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। इसके बाद परिजनों को रवि की बॉडी दिखाई गई और उन्हें समझाया गया कि रवि की एक दो दिन पहले मौत होती तो बॉडी अकड़ जाती। पीएम होगा तो वहां भी उसकी मौत का समय भी निकल जाएगा।


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