अधूरी तैयारी:प्रोफेसर के 7, सहा. प्रोफेसर के 9 पद हैं खाली, शोध व नवाचार भी नहीं

अधूरी तैयारी:प्रोफेसर के 7, सहा. प्रोफेसर के 9 पद हैं खाली, शोध व नवाचार भी नहीं

गुरुवार व शुक्रवार को दो दिन तक बालोद में 15 अगस्त 1983 से संचालित लीड शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त पीजी कॉलेज का राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद यानी नैक की टीम मूल्यांकन करेगी। बुधवार को बेंगलुरू से गठित टीम रायपुर के बाद दुर्ग पहुंच गई है।

वहां से गुरुवार को कॉलेज पहुंचेगी। दो दिन तक 7 मापदंड पर कॉलेज को परखेंगे और फीडबैक लेंगे। जिसमें 300 अंक है। जिसके आधार पर सीजीपीए स्कोर देंगे। जिससे कॉलेज की नई ग्रेडिंग तय होगी। इसके पहले 2005 में नैक टीम पहुंची थी। तब कॉलेज को सी प्लस ग्रेड मिला था। टीचिंग स्टाफ की कमी अब भी बरकरार है।

हर साल अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई हो रही है। यह हाल लीड ही नहीं बल्कि अन्य कॉलेजों का भी है। नैक टीम इस साल 8 कॉलेज का मूल्यांकन कर चुकी है। जिसमें सभी का सीजीपीए स्कोर 2.5 से कम रहा, नतीजा- 7 कॉलेज को बी और एक कॉलेज को सी ग्रेड मिला। लीड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा चंद्राकर ने बताया कि तैयारी पूरी हो चुकी है। क्या ग्रेड मिलेगा, यह मूल्यांकन के बाद एक सप्ताह के अंदर मालूम हो जाएगा।

इन कॉलेजों का मूल्यांकन कर ग्रेड दे चुकी नैक टीम

दल्लीराजहरा कॉलेज: 1974 से संचालित कॉलेज को सीजीपीए स्कोर 2.43 स्कोर होने पर बी ग्रेड मिला।
गुरूर कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.07 स्कोर होने पर बी ग्रेड मिला। इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम मूल्यांकन करने पहुंची थी।
गुंडरदेही कॉलेज: 2.24 सीजीपीए स्कोर आने पर बी ग्रेड मिला। पिछले 17 साल से कॉलेज संचालित है।

अरमरीकला कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2 होने पर सी ग्रेड मिला था। पिछले 10 साल से संचालित कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी। डौंडी कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2+ होने पर बी ग्रेड मिला। 2006 से संचालित इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी।
डौंडीलोहारा कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.27 होने पर बी ग्रेड मिला। 2006 से संचालित इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी।

खेरथा बाजार कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.36 होने पर बी ग्रेड मिला। 2008 से यहां कॉलेज संचालित हो रहा है।
अर्जुन्दा कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.10 होने पर बी ग्रेड मिला।

दल्लीराजहरा कॉलेज: 1974 से संचालित कॉलेज को सीजीपीए स्कोर 2.43 स्कोर होने पर बी ग्रेड मिला।
गुरूर कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.07 स्कोर होने पर बी ग्रेड मिला। इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम मूल्यांकन करने पहुंची थी।
गुंडरदेही कॉलेज: 2.24 सीजीपीए स्कोर आने पर बी ग्रेड मिला। पिछले 17 साल से कॉलेज संचालित है।

अरमरीकला कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2 होने पर सी ग्रेड मिला था। पिछले 10 साल से संचालित कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी। डौंडी कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2+ होने पर बी ग्रेड मिला। 2006 से संचालित इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी।
डौंडीलोहारा कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.27 होने पर बी ग्रेड मिला। 2006 से संचालित इस कॉलेज में पहली बार नैक टीम पहुंची थी।

खेरथा बाजार कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.36 होने पर बी ग्रेड मिला। 2008 से यहां कॉलेज संचालित हो रहा है।
अर्जुन्दा कॉलेज: सीजीपीए स्कोर 2.10 होने पर बी ग्रेड मिला।

पाठ्यक्रम गतिविधि- कौन-कौन से कोर्स, सिलेबस संचालित है। कोर्स कितना लोकप्रिय है। इससे पढ़कर स्टूडेंट्स को क्या हासिल होगा, एडमिशन की क्या स्थिति है सहित अन्य जानकारी हासिल करेंगे। चुनौती यह है कि वर्तमान में एडमिशन का दौर जारी है। 30-40% सीटें खाली है। अध्यापन गतिविधि- टीचिंग स्टाफ, किसके कितने पद स्वीकृत, कितने पद रिक्त, पढ़ाई का स्तर, वार्षिक परीक्षा परिणाम सहित अन्य बिंदुओं पर परखेंगे। चुनौती यह है कि प्रोफेसर के सभी 7 पद खाली है। इसी तरह 26 में से 17 सहायक प्रोफेसर कार्यरत है। 9 पद खाली है। अनुसंधान- प्रोजेक्ट, शोध संबंधित जानकारी लेंगे, पीएचडी के लिए कितने को गाइड किया, कितने स्टूडेंट्स ने किस विषय पर यह किया। इससे संबंधित जानकारी लेंगे। अधिकांश स्टूडेंट्स पीएचडी नहीं करते, यह चुनौती रहेगी। आधारभूत सुविधा- खेल मैदान, छात्रावास, भवन, कमरे का निरीक्षण करेंगे, क्या-क्या सुविधाएं मिल रही है, यह परखेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल संबंधित गतिविधि की जानकारी लेंगे। खिलाड़ियों का स्तर जानेंगे। चुनौती यह है कि खेल गतिविधि कम होती है। नवाचार- पढ़ाई के तरीके, क्या-क्या इनोवेशन किए, यह सब जानेंगे। ऐसा कोई नवाचार जिससे सभी स्टूडेंट्स को फायदे हुए, यह जानेंगे। चुनौती यह है कि नवाचार को लेकर यहां कोई खास पहल नहीं की गई है। स्टूडेंट्स सपोर्ट- प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के हित में प्रोत्साहन को लेकर कितना कार्य किया, यह सब गतिविधि पर परखेंगे। इसके अलावा वर्तमान व पढ़कर निकल चुके स्टूडेंट्स से चर्चा कर फीडबैक लेकर क्रास चेक करेंगे। अनुकरणीय परपंरा, कार्यक्रम- ऐसा कोई कार्य, अभियान चलाया गया हो, जो लीक से हटकर किया गया हो, इसके बारे में जानकारी लेंगे। यह भी जानेंगे कि इसका सभी बच्चों को लाभ मिल पाया कि नहीं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

en_USEnglish